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राजधर्म और राष्ट्रधर्म में बहुत बारीक अंतर है — संविधान दिवस पर आयोजित गणतंत्र के रक्षक अवार्ड समारोह में स्वामी विवेकानंद पुरी ने कहा — तीसरा गणतंत्र के रक्षक अवार्ड समारोह संपन्न, पांच सख्सियतों को मिला अवार्ड

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राजधर्म और राष्ट्रधर्म में बहुत बारीक अंतर है
— संविधान दिवस पर आयोजित गणतंत्र के रक्षक अवार्ड समारोह में स्वामी विवेकानंद पुरी ने कहा
— तीसरा गणतंत्र के रक्षक अवार्ड समारोह संपन्न, पांच सख्सियतों को मिला अवार्ड

खंडवा। संविधान की आत्मा सर्वधर्म सम्भाव में है। इसमें सबको सम्मान देने की और अपने राजधर्म के साथ राष्ट्रधर्म को भी याद रखने की बहुत महत्वपूर्ण चुनौती है इनके बीच बहुत बारीक अंतर है। संविधान के रक्षक अवार्ड हमें यह शिक्षा देते हैं संविधान सर्वपरि है इसके मान से ही हम राष्ट्र का मान कायम कर सकते हैं।
यह बात संविधान दिवस पर आयोजित तीसरे गणतंत्र के रक्षक अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद पुरी ने कही। बुधवार को शुरूआत सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्था सेस द्वारा गौरीकुंज सभागार में आयोजित उड़ानोत्सव 2025—26 में कही। उन्होंने कहा धन से धर्म की शिक्षा आती है यह धर्म अच्छे कर्मों का धर्म है। जो हमें सिखाता है जीवन में क्या अच्छा करना चाहिए। अच्छा करने से समाज सुखी होता शहर सुखी होता है और राष्ट्र सुखी होता है। अवार्ड समारोह के संयोजक आसिफ सिद्दीकी और अध्यक्ष शबीना सिद्दीकी ने बताया कि इस वर्ष सोलरमेन नाम से प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के सोलर एंबेसेडर प्रो. चेतनसिंह सोलंकी को सूर्य उर्जा और जलवायु परिवर्तन की दिशा में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए, बेबाक पत्रकारिता के लिए मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार श्री शरद द्विवेदी भोपाल को, अपने कार्टून के माध्यम से समाज में चेतना का संचार करने वाले कार्टूनिस्ट श्री इस्माइल लहरी इंदौर को, भारतीय वनसेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री जेपी शर्मा को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों के लिए एवं मलखंभ खेल कला को नई उंचाइयां दिलाने वाले खंडवा के प्रशिक्षक दयाराम पटेल को गणतंत्र के रक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस मौके पर महामंडलेश्वर पुरी जी अलावा खंडवा धर्मप्रांत के अध्यक्ष बिषप अगस्टीन मठत्तीकुन्नेल, शहर काजी सैयद निसार अली, गुरुद्वारा खंडवा के प्रमुख ग्रंथी ज्ञानी जसबीरसिंह राणा, केडीएसएस के पूर्व डायरेक्टर फादर जयन अलेक्स अतिथि के रूप में मौजूद थे। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम समन्वयक प्रो. मनोज निवारिया, पूर्व गणतंत्र के रक्षक सुनील जैन के अलावा अवार्ड के लिए नाम तय करने वाली ज्यूरी के सदस्य श्री प्रमोद चतुर्वेदी, श्री जय नागड़ा, श्री एवं श्रीमती सीमा प्रकाश माइकल एवं सेस की अध्यक्ष श्रीमती शबीना सिद्दीकी भी इस मौके पर मौजूद थीं। कार्यक्रम में महापौर और विधायक के प्रतिनिधि के रूप में प्रवक्ता सुनील जैन ने गणतंत्र के रक्षक प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी मलखंब प्रशिक्षक दयाराम पटेल का स्वागत अभिनंदन किया ।कार्यक्रम का संचालन उदघोषक प्रफुल्ल मंडलोई ने किया। इस मौके पर इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुनील सकरगाएं, सुनिता सकरगाएं, हर्षा मोर्य, यूसुफ सिद्दीकी, अजहर अहमद बुरहानपुर, आनंद सोहनी, मुकीत खान, लुकमान मसूद आदि मौजूद थे।

सेमल के पेड़ों की जगह मोबाइल टावर ने ले ली
गणतंत्र के रक्षक अवार्ड से सम्मानित होने के बाद प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी ने चुटीले अंदाज अपनी बात रखी। उन्होंने कहा आज देश में सबसे ज्यादा फैलाव पॉलीथिन और पॉलिटिक्स का हो गया है।धरती पर थोड़ी बहुत जो जगह बची है वहां वन बचे हैं। कुत्ता आदमी को काटता है और अब आदमी पेड़ो के काटता है। जहां पर पहले सेमल के विशालकाय पेड़ होते थे वहां पर अब मोबाइल के टावर उग आए हैं। मलखंभ प्रशिक्षक दयाराम पटेल ने इस अवार्ड को खंडवा को समर्पित करते हुए कहा जैसे संविधान और गणतंत्र की रक्षा में कठिन परिश्रम की जरूरत है वैसे ही मलखंभ को भी साधना पड़ता है। व्यस्तताओं के चलते खंडवा नहीं पहुंच पाए वरिष्ठ पत्रकार शरद द्विवेदी और प्रो. चेतनसिंह सोलंकी के डिजिटल माध्यम से अपनी बात समारोह में रखी।

प्रमोद के करतब पर सब फिदा दयाराम पटेल के शिष्य और पुत्र प्रमोद पटेल ने पिछले दिनों इंडिया गाट टेलेंट शो में अपनी जिस प्रस्तुति से निर्णायकों का मन जीता उनकी वही क्लिपिंग अवार्ड समारोह में दिखाई गई। उनकी इस प्रस्तुति को समारोह में मौजूद लोगों ने खूब सराहा। इसके बाद मंच पर आकर उन्होंने अपने संघर्ष और कामयाबी की कहानी बताई।

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